एक समय था जब गोवा का नाम आते ही समुद्र की लहरें, आज़ादी का एहसास, म्यूज़िक, नाइटलाइफ़ और सुकून भरे बीच याद आते थे। लेकिन बीते कुछ वर्षों में गोवा का टूरिज़्म चार्म धीरे-धीरे फीका पड़ता दिख रहा है। देशी ही नहीं, विदेशी पर्यटक भी अब गोवा से दूरी बनाने लगे हैं। 1. बढ़ती महंगाई – मज़ा कम, खर्च ज़्यादा
गोवा अब “बजट डेस्टिनेशन” नहीं रहा। वो loot डेस्टिनेशन हो चूका है. होटल, टैक्सी, स्कूटर रेंट, खाने-पीने तक की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं बल्कि OVER PRICED है.जहाँ सारे देश के रेस्टोरंत मे पानी की बॉटल MRP पर बेचने का क़ानून है वहीं गोआ मे ये सब नहीँ चलता. यही कारण है कि पर्यटक अब थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका जैसे सस्ते और बेहतर विकल्पों की ओर झुक रहे है.
2. लोकल टैक्सी माफिया और ट्रांसपोर्ट समस्या
गोवा में सबसे बड़ी शिकायत टैक्सी सिस्टम को लेकर है। ऐप-बेस्ड कैब्स(ओला, उबर, रेपिडो) को पूरी आज़ादी नहीं, किराए मनमाने, और व्यवहार कई बार रूखा। एयर पोर्ट और रेलवे स्टेशन से ही टेक्सी और ऑटो रिक्शा वालों की मनमानी.दुर्व्यव्यव्हार गुंडा गिरी. पर्यटक घूमना चाहते हैं, सौदेबाज़ी और लड़ाई झगडे नहीं। यही वजह है कि बहुत से लोग “एक बार आए, दोबारा नहीं” वाली मानसिकता बना रहे हैं। बल्कि.
टेक्सी माफिया की स्ट्रांग यूनियन भी है. ऐसे वाकिये बहुत हुए जिसमे टेक्सी ड्राइवर से मगजमारी हुई. उसने आसपास 7-8टेक्सी ड्राईवर को फोन किया. और सबने मिल के टूरिस्टस की समूहिक पिटाई की. ये वाकिये गोवा मे अब होते रहते है.
3. ओवरकमर्शियलाइजेशन और भीड़ जो गोवा कभी सुकून देता था, अब वह भीड़ और शोर से भर गया है। हर जगह क्लब, पार्टी, ड्रग, तेज़ म्यूज़िक और शराब। और बढ़ते अपराध.
नेचर, शांति और सादगी चाहने वालों के लिए गोवा अब वैसा नहीं रहा जैसा पहले था।
4. साफ-सफाई और पर्यावरण पर असर
बीच पर कचरा, प्लास्टिक, और गंदगी—ये अब आम दृश्य बनते जा रहे हैं। अव्यवस्थित कंस्ट्रक्शन और पर्यावरण की अनदेखी ने गोवा की प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुँचाया है। ये मैंने 1996 मे भी देखा था ज़ब पहली बार गोवा गया था. उसके बाद 2004 और 2009 मे. गंदगी को लेकर गोवा मे कोई बदलाव नहीँ देखा.
5. व्यवहार और सुरक्षा को लेकर सवाल गोवा के अनेक इलाकों मे अमूमन रोज ही पर्यटकों के साथ ठगी, ओवरचार्जिंग और दुर्व्यवहार की शिकायतें बढ़ी हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जाती रही है, जिससे फैमिली टूरिज़्म प्रभावित हुआ है।
6) लोकल पुलिस का दुर्व्यव्हार
लोकल पुलिस द्वारा टूरिस्ट के साथ खराब सलूक, दूसरे स्टेट के टूरिस्ट वाहनों (कमर्षीयल/निजी) से अवैध पैसे वसूली करना गोवा मे आम घटना है. इतना ही नही कोई टूरिस्ट गोवा से ही 2 या 4 व्हीलर किराये पर लेता उसे भी कहीं ना कहीं पुलिस रोक कर लूट ही लेती है.ये कभी कभी होने वाली घटना नही. ये अमूमन रोज की घटना है.
7. नए विकल्पों का उभार आज लोग गोवा के बजाय: केरल, लेह लद्दाख, उत्तराखंड,हिमाचल,नॉर्थ ईस्ट,लक्षद्वीप या विदेश में बाली, थाईलैंड, वियेतनाम जैसी जगहों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहाँ अनुभव बेहतर और खर्च संतुलित है।गोवा से कई गुना बेहतर जगह और कम खर्च
8. अत्यधिक भीड़ over crowded
गोवा जाने का सही सीजन नवंबर से फरवरी है. सकून नहीँ सिर्फ भीड़. ओवर क्राउडेड गोवा. गोवा राज्य की आबादी 17लाख है. जबकि साला 1.8 करोड़ टूरिस्ट गोवा आते है जिनमे से 80% तो नवंबर से फरवरी. इन चार महीनो मे ही आते. गोवा मे क्षमता से अधिक टूरिस्ट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर नहीँ रहा.
9) सोया हुआ शासन और प्रशासन
ऊपर लिखें 8 पॉइंट्स जो 100% सत्य है को लेकर गोवा के शासन को कुछ पढ़ी ना प्रशासन को. शासन को टेक्सी माफिया का वोट चाहिए. टूरिस्ट जाए भाड़ मे. पुलिस को माल बटोरना टूरिस्ट जाय भाड़ मे. टेक्सी, होटल, रेस्टोरन्ट लूट पाट के लिए छुट्टे है टूरिस्ट जाय भाड़ मे.
अतः बेहतर है की टूरिस्ट ना तो गोवा जाय ना भाड़ मे जाय. बस टूरिस्ट डेस्टिनेशन बदल ले.
गोवा राज्य के GDP का 17% हिस्सा टुरिज्म से आता. और गोवा राज्य के 40-45% लोगो को रोजगार टुरिज्म से मिलता. अतः इन सबको अक्ल तभी आएगी ज़ब टूरिस्ट अपने आत्म सम्मान को प्रमुखता दे गोवा को अपनी डेस्टिनेशन लिस्ट से ही हटा दे.
कहने को गोवा आज भी खूबसूरत है, लेकिन उसका “जादू” फीका पड़ा है। उसकी खूबसूरती पर लोकल पुलिस, प्रशासन और वहाँ के लोगो ने ही ग्रहण लगाया है.अगर प्रशासन, स्थानीय व्यवसायी और पर्यटन नीति मिलकर सुधार नहीं करते, तो गोवा सिर्फ़ यादों में रह जाएगा—एक ऐसा स्वर्ग जो कभी था। अब ज़रूरत है सस्टेनेबल टूरिज़्म, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटकों के प्रति सम्मान की- Nilesh Joshi
Good thing u didn't showed only beaches because Goa is not known for beaches it also has forest Waterfalls churches and temples so yea remember Goa is not only for beaches but many other things
27 comments
Baga beach par bohot crowd rehta hai thik se video photo nikalne nahi ate
गोवा से दूर होते टूरिस्ट: गिरता हुआ टूरिस्ट चार्म
एक समय था जब गोवा का नाम आते ही समुद्र की लहरें, आज़ादी का एहसास, म्यूज़िक, नाइटलाइफ़ और सुकून भरे बीच याद आते थे। लेकिन बीते कुछ वर्षों में गोवा का टूरिज़्म चार्म धीरे-धीरे फीका पड़ता दिख रहा है। देशी ही नहीं, विदेशी पर्यटक भी अब गोवा से दूरी बनाने लगे हैं।
1. बढ़ती महंगाई – मज़ा कम, खर्च ज़्यादा
गोवा अब “बजट डेस्टिनेशन” नहीं रहा। वो loot डेस्टिनेशन हो चूका है. होटल, टैक्सी, स्कूटर रेंट, खाने-पीने तक की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं बल्कि OVER PRICED है.जहाँ सारे देश के रेस्टोरंत मे पानी की बॉटल MRP पर बेचने का क़ानून है वहीं गोआ मे ये सब नहीँ चलता. यही कारण है कि पर्यटक अब थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका जैसे सस्ते और बेहतर विकल्पों की ओर झुक रहे है.
2. लोकल टैक्सी माफिया और ट्रांसपोर्ट समस्या
गोवा में सबसे बड़ी शिकायत टैक्सी सिस्टम को लेकर है। ऐप-बेस्ड कैब्स(ओला, उबर, रेपिडो) को पूरी आज़ादी नहीं, किराए मनमाने, और व्यवहार कई बार रूखा। एयर पोर्ट और रेलवे स्टेशन से ही टेक्सी और ऑटो रिक्शा वालों की मनमानी.दुर्व्यव्यव्हार गुंडा गिरी. पर्यटक घूमना चाहते हैं, सौदेबाज़ी और लड़ाई झगडे नहीं। यही वजह है कि बहुत से लोग “एक बार आए, दोबारा नहीं” वाली मानसिकता बना रहे हैं। बल्कि.
टेक्सी माफिया की स्ट्रांग यूनियन भी है. ऐसे वाकिये बहुत हुए जिसमे टेक्सी ड्राइवर से मगजमारी हुई. उसने आसपास 7-8टेक्सी ड्राईवर को फोन किया. और सबने मिल के टूरिस्टस की समूहिक पिटाई की. ये वाकिये गोवा मे अब होते रहते है.
3. ओवरकमर्शियलाइजेशन और भीड़
जो गोवा कभी सुकून देता था, अब वह भीड़ और शोर से भर गया है। हर जगह क्लब, पार्टी, ड्रग, तेज़ म्यूज़िक और शराब। और बढ़ते अपराध.
नेचर, शांति और सादगी चाहने वालों के लिए गोवा अब वैसा नहीं रहा जैसा पहले था।
4. साफ-सफाई और पर्यावरण पर असर
बीच पर कचरा, प्लास्टिक, और गंदगी—ये अब आम दृश्य बनते जा रहे हैं। अव्यवस्थित कंस्ट्रक्शन और पर्यावरण की अनदेखी ने गोवा की प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुँचाया है। ये मैंने 1996 मे भी देखा था ज़ब पहली बार गोवा गया था. उसके बाद 2004 और 2009 मे. गंदगी को लेकर गोवा मे कोई बदलाव नहीँ देखा.
5. व्यवहार और सुरक्षा को लेकर सवाल
गोवा के अनेक इलाकों मे अमूमन रोज ही पर्यटकों के साथ ठगी, ओवरचार्जिंग और दुर्व्यवहार की शिकायतें बढ़ी हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जाती रही है, जिससे फैमिली टूरिज़्म प्रभावित हुआ है।
6) लोकल पुलिस का दुर्व्यव्हार
लोकल पुलिस द्वारा टूरिस्ट के साथ खराब सलूक, दूसरे स्टेट के टूरिस्ट वाहनों (कमर्षीयल/निजी) से अवैध पैसे वसूली करना गोवा मे आम घटना है. इतना ही नही कोई टूरिस्ट गोवा से ही 2 या 4 व्हीलर किराये पर लेता उसे भी कहीं ना कहीं पुलिस रोक कर लूट ही लेती है.ये कभी कभी होने वाली घटना नही. ये अमूमन रोज की घटना है.
7. नए विकल्पों का उभार
आज लोग गोवा के बजाय:
केरल, लेह लद्दाख, उत्तराखंड,हिमाचल,नॉर्थ ईस्ट,लक्षद्वीप
या विदेश में बाली, थाईलैंड, वियेतनाम जैसी जगहों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहाँ अनुभव बेहतर और खर्च संतुलित है।गोवा से कई गुना बेहतर जगह और कम खर्च
8. अत्यधिक भीड़ over crowded
गोवा जाने का सही सीजन नवंबर से फरवरी है. सकून नहीँ सिर्फ भीड़. ओवर क्राउडेड गोवा. गोवा राज्य की आबादी 17लाख है. जबकि साला 1.8 करोड़ टूरिस्ट गोवा आते है जिनमे से 80% तो नवंबर से फरवरी. इन चार महीनो मे ही आते. गोवा मे क्षमता से अधिक टूरिस्ट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर नहीँ रहा.
9) सोया हुआ शासन और प्रशासन
ऊपर लिखें 8 पॉइंट्स जो 100% सत्य है को लेकर गोवा के शासन को कुछ पढ़ी ना प्रशासन को. शासन को टेक्सी माफिया का वोट चाहिए. टूरिस्ट जाए भाड़ मे. पुलिस को माल बटोरना टूरिस्ट जाय भाड़ मे. टेक्सी, होटल, रेस्टोरन्ट लूट पाट के लिए छुट्टे है टूरिस्ट जाय भाड़ मे.
अतः बेहतर है की टूरिस्ट ना तो गोवा जाय ना भाड़ मे जाय. बस टूरिस्ट डेस्टिनेशन बदल ले.
गोवा राज्य के GDP का 17% हिस्सा टुरिज्म से आता. और गोवा राज्य के 40-45% लोगो को रोजगार टुरिज्म से मिलता. अतः इन सबको अक्ल तभी आएगी ज़ब टूरिस्ट अपने आत्म सम्मान को प्रमुखता दे गोवा को अपनी डेस्टिनेशन लिस्ट से ही हटा दे.
कहने को गोवा आज भी खूबसूरत है, लेकिन उसका “जादू” फीका पड़ा है। उसकी खूबसूरती पर लोकल पुलिस, प्रशासन और वहाँ के लोगो ने ही ग्रहण लगाया है.अगर प्रशासन, स्थानीय व्यवसायी और पर्यटन नीति मिलकर सुधार नहीं करते, तो गोवा सिर्फ़ यादों में रह जाएगा—एक ऐसा स्वर्ग जो कभी था। अब ज़रूरत है सस्टेनेबल टूरिज़्म, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटकों के प्रति सम्मान की- Nilesh Joshi
Hello
sach bole to hum goa main rehte hai to main ho aap ne dikha ye hai vo sab place gai hai 😮😂0
Unmese har jaga gai hu main
Baga beach😂😂😂 joking or what
Butterfly beach is overrated
❤❤❤🇮🇳🇮🇳🇮🇳🫡🫡🙏🙏👍👍🕉🕉
North Goa ❤
Bfnvf
Good thing u didn't showed only beaches because Goa is not known for beaches it also has forest Waterfalls churches and temples so yea remember Goa is not only for beaches but many other things
GOA ♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️
💓💓💓
Sirsipaniboot geruaa ndi boot yamun naini
Dudhsagar is closed. Don't post if you don't have proper knowledge.
Goa ❤❤❤❤❤❤❤❤❤
Bohut ghatiya log ha udhar
You left tambdi surla temple route
Goa log gatya log plz aaplog koi gao mat Jana Dusra jaga Jana😊
Ok call me just update my sailry bill crore gov in the pay call me just❤🎉❤😂
Bhai Mai saari jagah gya hu goa me❤❤
Baga beach ❤❤❤❤❤
Arambol beach ⛱️⛱️ is 🆒😎😎
https://youtube.com/shorts/P80gDVuJlQI?si=_hhqBfxsGWo2n7IM
😊
😂😂😂
😂😂😂